रामायण मेले
रामनगरी कहे जाने वाले अयोध्या में चार दिवसीय रामायण मेले का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ जी के हाथों हुआ। जिसमें 5 से 8 दिसंबर तक सरयू तक के स्थित राम कथा पार्क में गीत वी संगीत अध्यात्म की त्रिवेणी प्रवाहमान होना है। जिम सीएम योगी आदित्यनाथ जी सुबह अयोध्या पहुंचे। इसके बाद इस दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ जी ने हनुमानगढ़ी बार रामलाल के दरबार में भी दर्शन किए। वही जिसके बाद जानकी महान ट्रस्ट में चल रहे विवाहो उत्सव में भी सीएम योगी की आदित्यनाथ जी शामिल होने की संभावना बताई जा रही है।
इसके बाद इस शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि अयोध्या एक सनातन धर्म की पवनपुरी में से प्रथम पुरी है जहां हजारों वर्षों से विश्व मानवता का मार्ग अयोध्या ने प्रशस्त किया। आगे और कहा कि अयोध्या एक ऐसी भूमि है जहां कोई युद्ध करने का साहस नहीं कर सकता है। इसके बाद योगी आदित्यनाथ जी ने आगे और कहा कि पिछले वर्ष जनवरी में पीएम नरेंद्र मोदी के हाथ हो 500 वर्षों के संघर्ष के बाद रामलाल फिर से प्रतिष्ठित हुए। वही पीएम मोदी ने अयोध्या के नागरिकों के प्रति अपना अनुराग व्यक्त किया था। जहां अयोध्या ने उनके साथ न्याय नहीं किया। लेकिन, प्रभु श्री राम ने हर प्रकार का संरक्षण दिया है।
आगे और कहां की अयोध्या सांस्कृतिक रूप से विश्व में आगे बढ़ रहा है। आपको बता दे की रामायण सीरियल को लोग देखने के लिए लोग 1 घंटे टीवी के सामने बैठ जाते थे वहीं डॉक्टर लोहिया ने रामायण उत्सव कार्यक्रम देश में प्रारंभ किए थे। जो जो जिसके मन में राम और जानकी के प्रति समपर्ण नहीं है, उनको त्याग देना चाहिए।
आगे सीएम ने और कहा कि डॉक्टर लोहिया राजनीति में आदर्शवादी थे जो समाजवादी पार्टी परिवारवादी है, जो अपराधी गुंडो के संरक्षण के बिना यह उसी तरह तड़पते हैं जैसे पानी बिना मछली। लोहिया के नाम पर राजनीतिक करेंगे लेकिन उनके आदर्श नहीं मानते।
वही रामायण मेला समिति के संयोजक आशीष मिश्रा ने बताया कि यह हर साल की तरह इस वर्ष भी रामायण मेला में न सिर्फ धार्मिक कार्यक्रम होने वाले हैं बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं को अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। जो रामायण मेले में चार दिनों तक कथा, प्रवचन, संस्कृति, कार्यक्रम, लोक, गायन, नृत्य नाटक आदि की स्थिति करने वाली है। वह संस्कृति विभाग के विभिन्न जिलों के बीच से अधिक कलाकार अपनी परिस्थितियों देने वाले हैं साथी चार दिनों तक अलग-अलग कथा प्रवचन की ओर से राम कथा का प्रवचन भी कराया जाना है।
