**प्रधानमंत्री ने टीवी9 शिखर सम्मेलन 2026 को संबोधित किया**
देश के प्रधानमंत्री ने हाल ही में राजधानी दिल्ली में आयोजित प्रतिष्ठित टीवी9 शिखर सम्मेलन 2026 में अपना महत्वपूर्ण संबोधन दिया। इस कार्यक्रम में देश-विदेश के कई गणमान्य व्यक्ति, उद्योगपति, मीडियाकर्मी और नीति-निर्माता उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रधानमंत्री के विचारों को ध्यान से सुना। प्रधानमंत्री का यह भाषण भारत के भविष्य की दिशा और देश की बढ़ती क्षमताओं को रेखांकित करने वाला था, जिसमें उन्होंने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला।
**भारत की आर्थिक शक्ति का अभूतपूर्व उदय**
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार भारत अब विश्व की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन गया है और कैसे देश आर्थिक स्थिरता के साथ सतत विकास की राह पर लगातार अग्रसर है। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में हो रही प्रगति और रोजगार सृजन का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सब देश के मेहनती नागरिकों और सरकार की दूरदर्शी नीतियों का ही परिणाम है।
**डिजिटल क्रांति और तकनीकी प्रगति का नया युग**
प्रधानमंत्री ने भारत में आई डिजिटल क्रांति की खुलकर सराहना की और बताया कि कैसे तकनीक ने आम जनजीवन को पहले से कहीं अधिक सरल और सुगम बनाया है। उन्होंने विशेष रूप से डिजिटल भुगतान प्रणालियों जैसे UPI, ऑनलाइन सरकारी सेवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों तक इंटरनेट कनेक्टिविटी के व्यापक विस्तार का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों में वैश्विक नेतृत्वकर्ता बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
**युवाओं की शक्ति और नवाचार का महत्व**
देश की विशाल युवा आबादी को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का पुरजोर आह्वान किया। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि भारत के युवा अपनी अदम्य ऊर्जा, अद्वितीय नवाचार और उद्यमिता के दम पर ‘नए भारत’ की मजबूत नींव रख रहे हैं। प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी महत्वपूर्ण पहलों का जिक्र करते हुए युवाओं को नए अवसर प्रदान करने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
**मीडिया की जिम्मेदारी और सशक्त लोकतंत्र में भूमिका**
टीवी9 शिखर सम्मेलन के मंच से प्रधानमंत्री ने मीडिया की महत्वपूर्ण और जवाबदेह भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और जिम्मेदार मीडिया समाज में जागरूकता फैलाने, तथ्यों को ईमानदारी से प्रस्तुत करने और देश के लोकतंत्र को मजबूत करने में अहम योगदान देता है। उन्होंने मीडिया से सकारात्मक और रचनात्मक पत्रकारिता पर जोर देने का आग्रह करते हुए फेक न्यूज के प्रति सचेत रहने की बात कही।
**आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ते सशक्त कदम**
प्रधानमंत्री ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ के अपने दूरदर्शी दृष्टिकोण को एक बार फिर दोहराया। उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे देश रक्षा उत्पादन, विनिर्माण, कृषि नवाचार और ऊर्जा सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी आत्मनिर्भरता लगातार बढ़ा रहा है। उन्होंने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और ‘वोकल फॉर लोकल’ मंत्र को अपनाने का आह्वान किया ताकि भारतीय उद्योग और प्रतिभाशाली कारीगरों को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान मिल सके।
**पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की अनिवार्यता**
भविष्य की वैश्विक चुनौतियों पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की बढ़ती आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन से निपटने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए भारत द्वारा उठाए गए ठोस कदमों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हमें अपनी धरती को बचाने के लिए सामूहिक और सक्रिय प्रयास करने होंगे, साथ ही सौर ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को बड़े पैमाने पर अपनाने पर भी जोर दिया।
**वैश्विक पटल पर भारत का लगातार बढ़ता प्रभाव**
प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के लगातार बढ़ते कद और महत्वपूर्ण प्रभाव का भी विस्तृत जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत अब वैश्विक मुद्दों पर अपनी बात अधिक मजबूती और विश्वास के साथ रख रहा है। साथ ही विश्व शांति, स्थिरता और सहयोग में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने विभिन्न देशों के साथ भारत के मजबूत होते रणनीतिक संबंधों और बहुपक्षीय मंचों पर उसकी बढ़ती स्वीकार्यता पर भी प्रकाश डाला।
**शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक सुधार**
अपने भाषण में, प्रधानमंत्री ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार द्वारा किए जा रहे व्यापक और क्रांतिकारी सुधारों पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने नई शिक्षा नीति के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक सभी की पहुंच बढ़ाने और आयुष्मान भारत जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं को देश के हर कोने तक, खासकर आम जनता तक पहुंचाने के प्रयासों का उल्लेख किया।
**भविष्य की चुनौतियाँ और एक आशावादी दृष्टिकोण**
प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया कि आने वाले समय में देश के समक्ष नई चुनौतियाँ भी सामने आएंगी, लेकिन उन्होंने दृढ़ विश्वास व्यक्त किया कि भारत अपनी सामूहिक शक्ति, मजबूत इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प के साथ हर चुनौती का सफलतापूर्वक सामना करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि हमें हमेशा एक आशावादी दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ना होगा और हर चुनौती को एक नए अवसर में बदलने का प्रयास करना होगा।
**जनभागीदारी से ही सशक्त होगा हमारा राष्ट्र**
अंत में, प्रधानमंत्री ने राष्ट्र निर्माण में जनभागीदारी के महत्व पर सबसे अधिक जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कोई भी सरकार अकेले देश को इतनी ऊंचाइयों पर नहीं ले जा सकती। हर नागरिक का सक्रिय सहयोग, उसका छोटे से छोटा योगदान भी देश को नई बुलंदियों पर ले जाने में सहायक होगा। उन्होंने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को देश की निरंतर प्रगति का मूल आधार बताया।